Publish Date: 02 Mar, 2025
Author: Anjum Qureshi
International Women's Day 2025: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के अधिकारों, समानता और उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए समर्पित है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, लैंगिक भेदभाव को खत्म करना और समाज में उनके योगदान को पहचान देने के लिए मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के उत्थान और लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, थीम और महत्व।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास
न्यूयॉर्क में 1908 में कामकाजी महिलाओं ने कम वेतन, लंबे कार्य घंटे और मतदान के अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। 1911 में जर्मनी, ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। 1909 में अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने 28 फरवरी को पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। बाद में क्लारा जेटकिन नाम की समाजवादी नेता ने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस घोषित करने का प्रस्ताव रखा। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने 1975 को आधिकारिक रूप से 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की घोषणा की।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 की थीम
हर साल संयुक्त राष्ट्र इस दिवस के लिए एक विशेष थीम घोषित करता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 की थीम ‘कार्रवाई में तेजी लाना’ यानी ‘Accelerate Action’. महिलाओं के अधिकारों, समानता और सशक्तिकरण से जुड़ी होती है। इस दिन को केवल महिलाओं के सम्मान के रूप में नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के मौके के रूप में मनाना चाहिए। हर महिला खास है। हमें याद रखना चाहिए इस दुनिया में उसका योगदान अमूल्य है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व और उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बहुत महत्व है। यह दिवस महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है। यह दिन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही यह दिवस लैंगिक समानता और महिलाओं को पुरुषों के समान शिक्षा और रोजगार के अवसर देना चाहिए। यह दिन समाज में महिलाओं और पुरुषों के लिए समान अवसर और अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में यह दिवस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महिलाओं को बेहतर शिक्षा और करियर के अवसर दिलाने के लिए यह दिन जागरूकता बढ़ाने का काम करता है। महिलाओं के योगदान को सम्मान देना और हिंसा भेदभाव के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। इस दिन के माध्यम से समाज, विज्ञान, कला, राजनीति, खेल और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को सराहा जाता है। यह दिवस घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने की पहल करता है।